सहसपुर लोहारा। क्षेत्र में दशहरा पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर खड्ग राज कुमार सिंह ने ग्राम सरोधी और तेली टोला पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लिया। दोनों गांवों में ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दशहरा हमारी परंपरा और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। उन्होंने सहसपुर लोहारा राजपरिवार और क्षेत्र के 84 गांवों के बीच पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि समय भले बदल गया हो, लेकिन लोगों के साथ आत्मीय रिश्ता आज भी कायम है।
उन्होंने कहा, “रिश्ते पद और व्यवस्था से नहीं, दिल से चलते हैं। पूर्वजों ने जो रिश्ता बनाया था, उसे आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।” राजा होने का मतलब केवल सम्मान पाना नहीं, बल्कि लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहना भी है। दशहरा सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने तथा आपसी मतभेद भुलाकर क्षेत्र की प्रगति के लिए मिलकर काम करने की प्रेरणा देता है।
खड्ग राज कुमार सिंह ने युवाओं से अपनी मिट्टी और संस्कृति से जुड़े रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवा खूब पढ़ें और आगे बढ़ें, लेकिन गांव, बुजुर्गों और परंपराओं को न भूलें। उन्होंने क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
सरोधी के बाद वे तेली टोला पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और दशहरा उत्सव में शामिल हुए। दोनों गांवों में उत्साह और आत्मीयता का माहौल रहा।

