कवर्धा। भोरमदेव अभयारण्य में आयोजित “पंख 2026 – बटरफ्लाई मीट सीजन-3” के प्रथम चरण का दो दिवसीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें चार राज्यों के कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें छत्तीसगढ़ से 17, महाराष्ट्र से 01, बिहार से 01 तथा ओडिशा से 01 प्रतिभागी शामिल रहे।
कार्यक्रम का आयोजन कवर्धा वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल के नेतृत्व में, भोरमदेव अभयारण्य की अधीक्षक अनिता साहू के संचालन एवं मार्गदर्शन में किया गया। रेंजर किशोर साहू एवं अभयारण्य की स्टाफ टीम का सक्रिय सहयोग रहा। दो दिवसीय कार्यक्रम का नेतृत्व ग्रुप लीडर एवं गाइड स्वाभा सोनी ने किया।
इस वर्ष प्रतिभागियों के लिए करियामा गेट में कैंपिंग टेंट स्टे की विशेष व्यवस्था की गई। इससे उन्हें वन क्षेत्र के बीच रात्रि प्रवास का अनुभव मिला और वे प्रकृति के और करीब रह सके।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस की शुरुआत प्रतिभागियों के पंजीयन एवं परिचय सत्र से हुई। इसके बाद विशेषज्ञों ने पी.पी.टी. के माध्यम से तितलियों का परिचय दिया और बेसिक बटरफ्लाई स्टडी कराई। दोपहर में प्रतिभागियों ने बटरफ्लाई ट्रेल में भाग लेकर विभिन्न प्रजातियों का अवलोकन एवं अध्ययन किया। शाम को हाई-टी के पश्चात स्थानीय पारंपरिक बैगा नृत्य की प्रस्तुति हुई, जिसने कार्यक्रम में स्थानीय संस्कृति का रंग जोड़ा। इसके साथ ही चितेर फाउंडेशन के संस्थापक बलबीर विश्वकर्मा द्वारा लाइव स्टोन पेंटिंग सेशन आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने प्रकृति एवं वन्यजीवों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त होते देखा। रात्रि भोजन के बाद मॉथ स्टडी का आयोजन किया गया।
द्वितीय दिवस की शुरुआत प्रातः नाश्ते के बाद बटरफ्लाई ट्रेल से हुई। प्रतिभागियों ने तितलियों के साथ-साथ वन क्षेत्र की विभिन्न जैवविविधताओं का अवलोकन एवं अध्ययन किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर फॉर्म एवं अवलोकन विवरण का एकत्रीकरण, प्रमाण-पत्र वितरण तथा समापन समारोह आयोजित किया गया।
पंख 2026 का उद्देश्य तितलियों एवं अन्य जैवविविधता के प्रति प्रकृति प्रेमियों, युवाओं तथा आमजन में वैज्ञानिक समझ विकसित करना और संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता व सहभागिता बढ़ाना है। इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को भोरमदेव अभयारण्य की समृद्ध जैवविविधता को करीब से जानने और उसके संरक्षण से जुड़ने का अवसर मिला।
पंख 2026 बटरफ्लाई मीट सीजन-3 के आगामी चरण भोरमदेव अभयारण्य के विभिन्न जैवविविधता समृद्ध क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे।

