सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पिपरिया में बालिकाओं को गर्भाशय में होने वाली बीमारियों से सुरक्षित करने के लिए 6 अप्रैल से शुरू हुआ एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान अब गति पकड़ रहा है। शुरुआती दिनों में टीकाकरण केंद्रों पर बालिकाओं की संख्या कम देखी गई थी, लेकिन निरंतर जागरूकता प्रयासों के बाद अब बड़ी संख्या में अभिभावक अपनी बेटियों को वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं।
भ्रांतियों को करें दरकिनार, सुरक्षा को चुनें
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनमानस से अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही वैक्सीन के दुष्प्रभावों (Side effects) संबंधी अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और भविष्य में होने वाले जानलेवा कैंसर से सुरक्षा प्रदान करती है।
अभियान की मुख्य बातें:
• *बढ़ती जागरूकता* क्षेत्र के लोग अब वैक्सीन के महत्व को समझ रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप टीकाकरण के आंकड़ों में उत्साहजनक वृद्धि हुई है। आज दिनांक 22 अप्रैल को कुल 8 बालिकाओं ने टीका लगवाया ।
• *विशेषज्ञों की राय:* डॉक्टरों के अनुसार, मामूली बुखार या इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द सामान्य है, जो किसी भी वैक्सीन के साथ हो सकता है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
• अपील: CHC पिपरिया प्रशासन सभी माता-पिता से आग्रह करता है कि वे अपनी पात्र बेटियों ( टीकाकरण के समय 14वर्ष पूरा कर चुके हो और 15 वर्ष पूरा ना हुआ हो)का टीकाकरण कराकर उन्हें एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का उपहार दें।
खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ विनोद चन्द्रवंशी का संदेश:
"हमारा लक्ष्य क्षेत्र की हर बालिका को इस सुरक्षा चक्र से जोड़ना है। लोग जागरूक हो रहे हैं, यह खुशी की बात है। मेरी अपील है कि किसी भी सुनी-सुनाई बात पर भरोसा न करें और सीधे स्वास्थ्य केंद्र आकर जानकारी लें । आपकी एक पहल आपकी बेटी को भविष्य में गर्भाशय में होने वाली गंभीर से बीमारी से बचा सकती है।"



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