रायपुर/गरियाबंद/दुर्ग/कबीरधाम/राजिम, 18 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ में 2026 की शुरुआत से ही अल्पसंख्यक (मुख्य रूप से मुस्लिम) समुदाय से जुड़ी कई गंभीर घटनाओं ने सामाजिक सद्भाव पर गहरा सवाल खड़ा किया है। इनमें आगजनी, मारपीट, धमकियां और धार्मिक आधार पर विवाद शामिल हैं, जिससे राज्य में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। इन घटनाओं के खिलाफ रजा यूनिटी फाउंडेशन (Raza Unity Foundation) ने राज्य के विभिन्न जिलों में उच्चाधिकारियों—राज्यपाल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और संबंधित जिला कलेक्टरों—को विस्तृत ज्ञापन सौंपे हैं। फाउंडेशन ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ितों को सुरक्षा-मुआवजा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदमों की मांग की है।
फाउंडेशन के ज्ञापनों में हाल की प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है, जो राज्य में अल्पसंख्यक असुरक्षा को दर्शाती हैं:
1. **गरियाबंद जिले के ग्राम दुतकैया (दुतकैंया/दुधकैयां) में हिंसा**: फरवरी 2026 की शुरुआत में यहां पुरानी रंजिश और मंदिर में तोड़फोड़ के आरोपों के बाद दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई। भीड़ ने अल्पसंख्यक परिवारों के कई घरों और वाहनों में आग लगा दी, तोड़फोड़ की। पुलिस हस्तक्षेप के दौरान कई जवान घायल हुए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी फोर्स तैनात करनी पड़ी। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पीड़ित परिवारों में भय बना हुआ है।
2. **दुर्ग जिले के ग्राम जंजगीरी में कब्रिस्तान विवाद**: मुस्लिम समुदाय की एक महिला की मौत के बाद शव दफनाने को लेकर दो समुदायों में तनाव पैदा हुआ। आमने-सामने की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने संभाला। यह घटना धार्मिक स्वतंत्रता और अंतिम संस्कार के अधिकार पर सवाल उठाती है।
3. **भिलाई क्षेत्र में सामुदायिक भवन विवाद**: सामुदायिक भवन निर्माण या उपयोग को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना, जिससे स्थानीय स्तर पर असहज स्थिति उत्पन्न हुई।
4. **राजिम मेले में दुर्व्यवहार**: अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति के साथ कथित अभद्र व्यवहार और दुर्व्यवहार की घटना सामने आई।
5. **देवबलौदा क्षेत्र में धमकियां और प्रताड़ना**: मेले में मुस्लिम व्यापारियों पर धर्म छिपाने के आरोप लगाकर दुकानें बंद करवाने, गाली-गलौज और धमकियों की शिकायतें। कुछ मामलों में QR कोड स्कैन कर पहचान जांचने और मुसलमान होने पर तीखी टिप्पणियां की गईं।
फाउंडेशन ने ज्ञापनों में स्पष्ट किया कि ये घटनाएं संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ हैं। इससे प्रदेश में भय, असुरक्षा और तनाव का वातावरण उत्पन्न हुआ है। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- सभी घटनाओं की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और त्वरित जांच कराई जाए।
- दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- प्रभावित परिवारों और समुदाय को तत्काल सुरक्षा, आवश्यक सहायता एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु प्रभावी प्रशासनिक, सामुदायिक और कानूनी कदम उठाए जाएं।
- सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए शांति समन्वय बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
रजा यूनिटी फाउंडेशन ने आशा जताई है कि माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रशासन इन घटनाओं की गंभीरता को समझते हुए त्वरित एवं न्यायोचित कार्रवाई करेंगे। फाउंडेशन राज्य भर में सक्रिय है और पीड़ितों के साथ खड़ा रहकर इंसाफ की मांग कर रहा है। ये ज्ञापन कबीरधाम, गरियाबंद (राजिम/दुतकैया), दुर्ग (जंजगीरी/भिलाई/देवबलौदा), रायपुर, सरगुजा और अन्य जिलों में फाउंडेशन की इकाइयों द्वारा समान मांगों के साथ सौंपे गए हैं।
फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में सभी समुदायों के बीच एकता, शांति और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना है। प्रशासन से अपील है कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर तुरंत कदम उठाए जाएं, ताकि राज्य में अमन-चैन कायम रहे और कोई भी समुदाय असुरक्षित महसूस न करे।
Source by : RUFC Team Chhattisgarh



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