मनेंद्रगढ़, जिला MCB (छत्तीसगढ़) | 14 अप्रैल 2026
तहफ्फुज-ए-नामूस-ए-रिसालत-एक्शन ट्रस्ट (TNRAT), मनेंद्रगढ़ ने आज छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 को संविधान के मौलिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। ईसाई समाज के साथ मिलकर आयोजित रैली के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
रैली में ईसाई समाज समिति, मनेंद्रगढ़ के अध्यक्ष द्वारा तथा TNRAT की ओर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जनाब मुहम्मद साबिर रज़वी साहब द्वारा अनुविभागीय दंडाधिकारी, मनेंद्रगढ़ को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
TNRAT का संवैधानिक तर्क:
संगठन का मानना है कि अधिनियम के कुछ प्रावधान भारतीय संविधान के निम्नलिखित मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं:
- अनुच्छेद 19(1)(a) – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- अनुच्छेद 21 – जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार
- अनुच्छेद 25 – धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
- अनुच्छेद 26 – धार्मिक मामलों के प्रबंधन का अधिकार
प्रमुख मांगें:
- अधिनियम का तत्काल निरसन – छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 को पूरी तरह निरस्त किया जाए।
- संवैधानिक पुनर्समीक्षा – अधिनियम की विस्तृत एवं निष्पक्ष विधिक समीक्षा कराई जाए।
- सर्वसमुदाय परामर्श – सभी धर्मों के प्रतिनिधियों, विधि विशेषज्ञों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।
TNRAT ने स्पष्ट किया कि यह विरोध पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे के अंदर है। संगठन का उद्देश्य किसी भी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है।
जारीकर्ता:
तहफ्फुज-ए-नामूस-ए-रिसालत-एक्शन ट्रस्ट (TNRAT)
मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़
(जनहित एवं सूचना हेतु जारी)




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